एकता में बल: चार दोस्तों की कहानी बहुत समय पहले की बात है, एक छोटे से गाँव में चार अच्छे दोस्त रहते थे – मोहन खरगोश, राजू कौआ, गोपाल कछुआ और मीनू लोमड़ी। ये चारों दोस्त दिन भर मिलकर खेलते और एक-दूसरे की मदद करते। लेकिन जंगल के पास एक चालाक भेड़िया भी रहता था, जो हमेशा इन दोस्तों को परेशान करने का मौका ढूँढता था। एक दिन की घटना एक दिन भेड़िये ने सोचा, "अगर मैं इन चारों दोस्तों को अलग-अलग कर दूं, तो इन्हें पकड़ना और आसान हो जाएगा।" उसने एक चालाक योजना बनाई। सबसे पहले, वह मोहन खरगोश के पास गया और कहा, "तुम्हारे दोस्त तो बस अपना-अपना फायदा देखते हैं। क्यों न तुम मेरे साथ रहो? मैं तुम्हें रोज नए-नए खाने की चीजें दूँगा।" मोहन ने भेड़िये की बातों पर भरोसा किया और अपने दोस्तों से दूर हो गया। फिर, भेड़िया राजू कौआ, गोपाल कछुआ और मीनू लोमड़ी के पास भी गया और उन्हें भी फुसलाने की कोशिश की। लेकिन राजू को शक हुआ। उसने गोपाल और मीनू से कहा, "मुझे लगता है, भेड़िया हमें अलग करना चाहता है।" दोस्ती और एकता की ताकत राजू, गोपाल, और मीनू ने मिलकर एक योजना बनाई। उन्होंने मोहन ...
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